Atal Pension Scheme 2026 Update : अटल पेंशन योजना (APY) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए हालिया ग्रोस रजिस्ट्रेशन की संख्या 9 करोड़ से ज्यादा पार कर ली है. वित्त मंत्रालय ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सकल नामांकन एक करोड़ 35 लाख से अधिक रहे, जो योजना की शुरुआत से अब तक किसी एक वित्तीय वर्ष में दर्ज किए गए सबसे अधिक नामांकन हैं.
अटल पेंशन योजना की शुरुआत साल 2015 में की गई थी. यह एक स्वैच्छिक, अंशदायी पेंशन योजना है, जो मुख्य रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों पर केंद्रित है. अब इसे लेकर नई जानकारी सामने आई है.
अटल पेंशन योजना में नया अपडेट यह है कि भारत सरकार इनफॉर्मल वर्कर्स के लिए सामजिक सुरक्षा का दायरा बढाने की योजना बना रही है. जिसके अनुसार महंगाई और रिटायर लोगों के बढ़ते खर्च को देखते हुए, इस योजना के तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन की अपर लिमिट बढ़ाकर 10 हजार प्रतिमाह करने पर विचार कर रही है.
क्या है अटल पेंशन योजना
बता दें, भारत सरकार ने देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले असंगठित वर्कर्स के लिए यह स्कीम शुरू की है। इस योजना के तहत ऐसे व्यक्ति शामिल हो सकते हैं जिनके पास बैंक खाता है, और जो गैर-कर दाता हैं, जिससे असंगठित क्षेत्र के सभी नागरिकों को भारत सरकार द्वारा गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन का लाभ मिलता है.
बढ़ सकते हैं 10 हजार
बता दें, भारत में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की संख्या लगभग 90 फीसदी है. इनमें मजदूर, रेहड़ी पटरी विक्रेता, घरेलु कामगार इत्यादि हैं. इन्हें पीएफ, पेंशन या वेतन बढ़ोतरी जैसी सुविधा नहीं मिलती.
अभी तक योगदान के आधार पर हर महीने ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000 या ₹5000 तक की न्यूनतम पेंशन की गारंटी देता था. अब APY योजना के तहत 10 हजार रूपए प्रतिमाह न्यूनतम पेंशन देने की बात है.
बता दें 2025-26 में इस योजना में करीब 1.30 करोड़ लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. सरकार का भी मानना है कि पेंशन बढ़ा कर नए सदस्य इस योजना से जुड़ेंगे और पुराने सदस्य योजना से जुड़े रहेंगे. इसे लेकर वित्त मंत्रालय और पेंशन फंड नियामक इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं. संभव है कि प्रस्ताव पास हो जाने के बाद पेंशन 8 से 10 हजार तक बढ़ने की संभावना है.
योजना का लाभ कौन उठा सकता है
APY सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है जिनके पास बैंकों या इंडिया पोस्ट में बचत खाते हैं। हालांकि, 1 अक्टूबर, 2022 से, जो व्यक्ति आयकर दाता हैं या रहे हैं, वे APY में शामिल होने के लिए अयोग्य हैं। इस योजना का प्रशासन पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा किया जाता है और इसे विभिन्न बैंकों और इंडिया पोस्ट के माध्यम से लागू किया जाता है।
1. पति/पत्नी की पेंशन: सदस्य की मृत्यु के बाद, पति/पत्नी को उनकी मृत्यु तक समान पेंशन राशि प्राप्त होती है।
2. पेंशन धन की वापसी: सदस्य और उनके पति/पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद, नामांकित व्यक्ति को संचित पेंशन धन प्राप्त होता है।
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