UP में मुस्लिम CM चेहरा? मौलाना की मांग ने बढ़ाया Akhilesh Yadav पर दबाव, क्या जवाब देंगे सपा मुखिया?

Summary :

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों 2027 से पहले राज्य की राजनीति में मुसलमानों को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। ‘ऑल इंडिया मुस्लिम इमाम ऑर्गनाइज़ेशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पत्र लिखकर बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा है कि सपा पार्टी किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करे। उनका तर्क है कि चूंकि राज्य की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत है, इसलिए मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी को मजबूत माना जाना चाहिए। Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi: मुस्लिम समर्थन को दें प्राथमिकता…

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों 2027 से पहले राज्य की राजनीति में मुसलमानों को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। ‘ऑल इंडिया मुस्लिम इमाम ऑर्गनाइज़ेशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पत्र लिखकर बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा है कि सपा पार्टी किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करे। उनका तर्क है कि चूंकि राज्य की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत है, इसलिए मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी को मजबूत माना जाना चाहिए।

Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi: मुस्लिम समर्थन को दें प्राथमिकता

अपने पत्र में मौलाना शहाबुद्दीन ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को समुदाय के योगदान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मुसलमान लंबे समय से समाजवादी पार्टी का समर्थन करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेतृत्व मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव और परिवार के अन्य सदस्यों की चुनावी सफलता में मुस्लिम समुदाय ने अहम भूमिका निभाई है। इसलिए, अब मुस्लिम समुदाय नेतृत्व में अपनी हिस्सेदारी चाहता है।

Akhilesh Yadav under pressure: मुस्लिम चेहरे के साथ चुनाव लड़ने की सलाह

बरेलवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए। उनका मानना ​​है कि ऐसा करने से मुस्लिम समुदाय से भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला मुसलमानों के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम साबित हो सकता है।

UP Assembly Election 2027: चुनाव से पहले होगा खेला?

(credit-sm)

मौलाना शहाबुद्दीन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समाजवादी पार्टी किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करती है, तो उसे मुस्लिम समर्थन में कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान सपा के लिए मुस्लिम समुदाय ने जो उत्साह दिखाया था, वैसा उत्साह 2027 में देखने को नहीं मिल सकता है। हालांकि, इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।