चंडीगढ़ : हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिह हुड्डा ने प्रदेश की खट्टर सरकार पर तीखा हमला बोला है। पांच नगर निगमों में मेयर चुनावों को भुनाने में जुटी भाजपा पर कटाक्ष करते हुए भूपेंद्र सिह हुड्डा ने कहा, इन चुनावों में जीत हासिल करके भाजपा को ज्यादा इतराने की जरूरत नहीं है। अभी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होने हैं और इन चुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ होना तय है। शनिवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
उन्होंने कहा, भाजपा जिस तरह से प्रदेश के भाईचारे को तोड़ने और जातिगत जहर फैलाने की कोशिश कर रही है, उसमें वह कभी सफल नहीं होगी। रोहतक निगम में मेयर चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए भूपेंद्र सिह हुड्डा ने कहा, कांग्रेस ने ये चुनाव सिम्बल पर नहीं लड़े। यह फैसला पार्टी हाईकमान द्वारा पहले ही ले लिया गया था। ऐसे में कांग्रेस के कई उम्मीदवार मैदान में थे।
इसके बावजूद रोहतक में भाजपा का मेयर उम्मीदवार बेशक 60 हजार के लगभग वोट लेकर जीत गया लेकिन करीब सवा लाख लोगों ने उनके खिलाफ वोट किया। यही नहीं, शहर के 22 वार्डों में से केवल 8 पर ही भाजपा उम्मीदवार बहुत कम मार्जन से जीत हासिल कर सके। बाकी के 14 वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों की बुरी हार हुई। इनमें से भी 7 वार्डों में सरकार के उम्मीदवारों की जमानत भी नहीं बची। इसी तरह से हिसार और करनाल शहर में भी वार्ड पार्षद चुनावों में भाजपा को बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
हुड्डा ने कहा, जिस तरह से मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी है, उसी तरह से हरियाणा में भी भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस सत्तर से अधिक सीटों के साथ राज्य में सत्ता वापसी करेगी। अगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस राज्य की सभी 10 सीटों पर जीत हासिल करेगी। हुड्डा ने प्रदेश की खट्टर सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से काम करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
विभिन्न मामलों में करवाई जा रही सीबीआई जांच पर हुड्डा ने कहा, ‘सच कभी छुपता नहीं और झूठ चलता नहीं’। मंत्रियों में भी भारी नाराजग़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षों के कार्यकाल में एक भी ऐसा काम सरकार ने नहीं किया, जिसे वह अपनी उपलब्धि बता सके। इनेलो के बिखराव पर पूर्व सीएम ने कहा, नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खतरे में है। इनेलो के तीन विधायक पूरी तरह से अभय के खिलाफ हैं।
(राजेश जैन)


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