Malaysia Earthquake: दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में रविवार देर रात 7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 27 मिनट 46 सेकंड पर आया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र 6.86 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 116.25 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई लगभग 625 किलोमीटर बताई गई है, जो इसे गहरे भूकंप (डीप फोकस) की श्रेणी में रखता है।

भूकंप की अधिक गहराई से टला बड़ा हादसा
विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप आमतौर पर सतह पर अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाते हैं, हालांकि झटके व्यापक क्षेत्र में महसूस किए जा सकते हैं। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप का सेंटर मलेशिया के कोस्टल स्टेट कैपिटल कोटा किनाबालु से 100 किलोमीटर (62 मील) दूर था।

इससे पहले 19 फरवरी को दुनिया के दो हिस्सों में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसमें एक तिब्बत में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई थी और जिसकी गहराई 130 किलोमीटर थी। इसके अलावा दक्षिणी ईरान में भी 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था।
Malaysia Earthquake: भूकंप आने का कारण
भूकंप मुख्य रूप से पृथ्वी की भूगर्भीय प्लेटों (टेक्टोनिक प्लेटों) के आपस में टकराने, खिसकने या दूर जाने के कारण आते हैं। जब ये प्लेटें जमीन के नीचे मौजूद तरल परत पर गति करती हैं और संचित ऊर्जा (दबाव) अचानक मुक्त होती है, तो कंपन उत्पन्न होता है, जिसे भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा, ज्वालामुखी विस्फोट, भूस्खलन और मानव निर्मित गतिविधियां (जैसे परमाणु परीक्षण) भी भूकंप के कारण हैं।

Malaysia Earthquake: भूकंप से बचने का उपाय
भूकंप के दौरान जान बचाने के लिए “नीचे झुकें, ढकें और पकड़ें” (Drop, Cover, Hold) तकनीक अपनाएं। किसी मजबूत टेबल के नीचे छिपें, खिड़की/कांच से दूर रहें, और कंपन रुकने तक इंतजार करें। बाहर होने पर इमारतों, बिजली के तारों से दूर खुले स्थान में जाएं।
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