बेंगलुरु :कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जनता और मीडिया की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि पत्रकारों को उनके विवेकानुसार लिखने से रोका जा रहा है। श्री गांधी ने कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड के स्मृति संस्करण की शुरुआत के मौके पर कहा कि देश में हजारों पत्रकारों को ऐसी खबरें लिखने से रोका जा रहा है जो वे लिखना चाहते हैं। उन्होंने कहा,’ मैंने उनसे मुलाकात की और उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें चुप कराया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि दो दिन पहले स्वर्ण मंदिर के अपने दर्शन के दौरान उन्होंने सिखवाद की दो शक्तिशाली बारे में सुना। पीरी का मतलब होता है, सच्चाई की ताकत और मीरी का अर्थ है ताकत की सच्चाई।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि भारत में यही हो रहा है। इन दो ताकतों के बीच असंतुलन हो रहा है। सच्चाई की ताकत ने ताकत की सच्चाई की जगह ले ली है। जो कोई भी सच कहने की कोशिश करता है, जो सच के लिए खड़ा होना चाहता है, उसे किनारे कर दिया जा रहा है। श्री गांधी ने कहा कि दलितों को पीटा जा रहा है, अल्पसंख्यक भयभीत हैं और पत्रकारों एवं नौकरशाहों को धमकाया जा रहा है। ‘ उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उनकी मध्य प्रदेश यात्रा के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उन्हें बताया कि उसे ऐसा काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है जो वह नहीं करना चाहता।
एक सोवियत कवि का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सच जब शांत हो जाता है तो वह झूठ बन जाता है। सरकार यही करने का प्रयास कर रही है। वह सबकी आवाज दबाना चाहती है। श्री गांधी ने कहा कि नेशनल हेराल्ड चुप होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा,’कुछ दिन पहले नेशनल हेराल्ड के संपादक मेरे पास आये तो मैंने उनसे कहा कि वह जब कभी भी कांग्रेस, उसके विचारों अथवा मेरे खिलाफ कुछ लिखना चाहें तो बिना डर के लिख सकते हैं। मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी। हम नेशनल हेराल्ड से इसी जज्बे की उम्मीद करते हैं, सच कहे, चुप न रहे और किसी से भी न डरे।’ इस अवसर पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई आर वाला, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी परमेश्वर, नेशनल हेराल्ड के निदेशक ऑस्कर फर्नांडिस और कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे।


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