देश की राजनीति के लिए अगला साल काफी अहम होने वाला है, क्योंकि आगामी वर्ष में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ कई और राज्य के विधानसभा चुुनाव भी निश्चित है। ऐसे में गोवा में सियासी घमासान इस बात पर शुरू हो गया है कि गोवा प्रदेश में समय से पूर्व ही विधानसभा के चुनाव होंगे। तो वहीं, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने तटीय राज्य में जल्दी विधानसभा चुनाव कराए जाने को लेकर लगायी जा रही अटकलों को बुधवार को खारिज कर दिया।
राज्य में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के मंगलवार को राज्यव्यापी अभियान शुरू करने के बाद जल्दी विधानसभा चुनाव कराए जाने को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं। सावंत और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेट तनावडे अगले पखवाड़े में राज्य का दौरा करेंगे।
राज्य में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के मंगलवार को राज्यव्यापी अभियान शुरू करने के बाद जल्दी विधानसभा चुनाव कराए जाने को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं। सावंत और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेट तनावडे अगले पखवाड़े में राज्य का दौरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने पणजी में पत्रकारों से कहा, ‘‘जल्दी चुनाव कराने की कोई संभावना नहीं है। चुनाव अगले साल फरवरी में समय पर होंगे न कि उससे पहले।’’ राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के अभी 27 विधायक हैं जबकि विपक्षी दल कांग्रेस के पांच विधायक हैं। इसके अलावा गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन विधायक, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी और राकांपा के एक-एक विधायक के अलावा सदन में तीन निर्दलीय विधायक हैं।
इस बीच, सावंत ने राज्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जातियों की पहचान करने और सूची बनाने का अधिकार बहाल करने वाले ‘संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021 पारित करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह सामाजिक कल्याण के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
इस बीच, सावंत ने राज्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जातियों की पहचान करने और सूची बनाने का अधिकार बहाल करने वाले ‘संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021 पारित करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह सामाजिक कल्याण के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दिखाता है।


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