दक्षिणपंथी संगठन हिंदू सेना ने मंगलवार को भारत सरकार से सिंगापुर में बॉलीवुड फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के बाद उसके साथ संबंध तोड़ने का आग्रह किया।
फिल्म वास्तव में तीन दशक पहले हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को दर्शाती है – हिंदू सेना
हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने कहा, ‘फिल्म वास्तव में तीन दशक पहले हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को दर्शाती है और फिल्म पर प्रतिबंध लगाने से सिंगापुर का असली चेहरा सामने आ गया है।’
उन्होंने कहा कि इस फिल्म के जरिए दुनिया को कश्मीरी पंडित समुदाय की दुर्दशा के बारे में पता चला।
गुप्ता ने कहा, ‘पिछले तीन दशकों से बर्बर नरसंहार दुनिया से छिपा हुआ था, लेकिन अब हर कोई इसे जानता है।’
उनकी टिप्पणी सिंगापुर के इन्फोकॉम मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईएमडीए) द्वारा विवेक अग्निहोत्री निर्देशित फिल्म पर इस आधार पर प्रतिबंध लगाने के बाद आई है कि यह धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ सकती है।
हिंदू सेना प्रमुख ने भी देशवासियों से सिंगापुर का पूरी तरह बहिष्कार करने की अपील की
‘वैराइटी’ के मुताबिक आईएमडीए ने कहा कि उन्होंने सिंगापुर में संस्कृति, समुदाय और युवा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ परामर्श किया था, जिसने पाया कि फिल्म ने मुसलमानों के ‘उत्तेजक’ और ‘एकतरफा’ चित्रण और कश्मीर में संघर्ष में हिंदुओं को सताए जाने के चित्रण के लिए फिल्म वर्गीकरण दिशानिर्देशों को पार कर लिया है।
आईएमडीए ने कहा, ‘इन प्रतिनिधित्वों में विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने और सिंगापुर के बहु-नस्लीय और बहु-धार्मिक समाज में सामाजिक सामंजस्य और धार्मिक सद्भाव को बाधित करने की क्षमता है।’
हिंदू सेना प्रमुख ने भी देशवासियों से सिंगापुर का पूरी तरह बहिष्कार करने की अपील की।
गुप्ता ने कहा, ‘मैं भारतीयों से सिंगापुर जाना बंद करने का आग्रह करता हूं।’


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