Search
Close this search box.

धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, उत्तर भारत के लिए अभी अनुकूल नहीं वायुमंडलीय स्थितियां : आईएमडी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को संकेत दिया कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की शुरुआत में देरी हो सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को संकेत दिया कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की शुरुआत में देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के शेष हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय स्थितियां “अभी भी अनुकूल नहीं हैं”। 
च्रकवातीय सर्कुलेशन पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना हुआ है और वहां पश्चिमी विक्षोभ की भी स्थिति है। आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा कि ये स्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल नहीं हैं। दरहसल आईएमडी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्तमान चक्रवातीय स्थिति के कारण मॉनसून उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में अगले पांच दिनों में धीरे-धीरे पहुंच सकता है।
मॉनसून पश्चिम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पहुंच गया है। मॉनसून की उत्तरी सीमा दीव, सूरत, नंदरबार, भोपाल, नौगोंग, हमीरपुर, बाराबंकी, बरेली, सहारनपुर, अंबाला और अमृतसर से गुजर रही है। केरल में समय से दो दिन के विलंब के बाद तीन जून को पहुंचे दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने तेजी से बड़े हिस्से को कवर किया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी ट्रफ ने उत्तर पश्चिम भारत में मानसून की तीव्र प्रगति को बाधित कर दिया है और हवा प्रणाली को दिल्ली तक पहुंचने में 7 से 10 दिन और लगेंगे। मौसम विभाग ने पहले भविष्यवाणी की थी कि हवा प्रणाली 15 जून, 12 दिन पहले तक दिल्ली पहुंच सकती है। आम तौर पर मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। पिछले साल पवन प्रणाली 25 जून को दिल्ली पहुंची थी और 29 जून तक पूरे देश को कवर कर लिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nine − five =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।