केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंकों के 3500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में हीरा कारोबारी देसाई बंधुओं से जुड़े मुंबई, दिल्ली और कानपुर की परिसम्पत्तियों पर मंगलवार को छापे मारे।
सीबीआई प्रवक्ता ने यहां बताया कि जांच एजेंसी ने फ्रॉस्ट इंटरनेशनल के निदेशकों- उदय देसाई और सुजय देसाई तथा कंपनी के पूर्व निदेशकों से जुड़े 13 ठिकानों पर छापे मारे। इनमें मुंबई के तीन, दिल्ली के चार और कानपुर के छह ठिकाने शामिल हैं।
सीबीआई ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई ने फ्रॉस्ट इंटरनेशनल, इसके मौजूदा एवं पूर्व निदेशकों, गारंटी देने वाली तीन अन्य कंपनियों तथा कुछ बैंक अधिकारियों एवं निजी व्यक्तियों के खिलाफ 14 बैंकों के साथ 3592 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
सीबीआई अधिकारियों ने यह कार्रवाई बैंक ऑफ इंडिया के कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय की शिकायत पर की है। बैंक का आरोप है कि निदेशकों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं है फिर भी उन्होंने कर्ज लेने के लिए व्यापारिक गतिविधियों की आड़ ली।
इसे जनवरी 2018 के बाद किसी सरकारी बैंक के साथ की गयी सबसे बड़ धोखाधड़ माना जा रहा है। जनवरी 2018 में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ का मामला सामने आया था।


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