पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आजकल चर्चा में बने हुए है। क्योंकि उन्हें तोशाखाना केस में तीन साल की सज़ा हुई है। लेकिन अब कई लोगों के मन में एक ही सवाल आ रहा है की आखिरकार तोशाखाना केस है क्या जिसकी वजह से इमरान खान को 3 साल की सज़ा मिल गयी ? इमरान खान को इस्लामाबाद पुलिस ने सज़ा सुनाने के बाद गिरफ्तार कर लिया। और इस गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान की राजनीतिक गलियारों में खलबली सी मची हुई है। चारो तरफ से इमरान खान को कोई भी राहत देखने को नहीं मिल रहा इसीलिए आज हम जानेंगे की आखिर वो कौन सा केस है जिसके कारण पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जेल की हवा में सांस लेंगे।
क्या है तोशखाना केस?
पाकिस्तान कानून के हिसाब से किसी भी गणमान्य को विदेशों से मिले उपहार को तोशाखाना में अर्पित करना होता है। और अगर कोई गणमान्य उस उपहार को अपने पास रखना चाहता है, तो उसे उस उपहार के बराबर नकद भुगतान करना पड़ेगा। ये एक नीलामी प्रक्रिया के द्वारा तय किया जाता है की उपहार को नीलाम करना है या फिर तोशाखाना में रखना है। और इससे अर्जित धन को राष्ट्रिय धन में रखा जाता है।
इमरान खान ने कमाया मुनाफा
साल 2018 में जब इमरान खान प्रधानमंत्री पद पर थे तब उन्हें विदेशी यात्रा में इमरान खान को 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे।जिसे उन्होंने तोशखाना में जमा करवा दिया था, और फिर खरीद लिया था। फिर उसे बाजार में उससे दुगने दामों में बेचा था। जी हाँ इमरान खान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन गिफ्ट्स थे और इन्हे बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।


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