कंगाली की कगार पर पाकिस्तान! अब रेलवे चलाना हुआ भी मुश्किल, यात्रियों की जान पर पड़ी आफत

Pakistan Railways Big Update

Pakistan Railways Big Update: भुखमरी से परेशान पाकिस्तान की हालत और भी खस्ता होती जा रही है। ऐसे में अब देश की रेलवे प्रणाली पर भी संकट मंडराने लगा है। दरअसल सीमित संसाधनों के बावजूद ट्रेन सेवाओं को किसी तरह चलाया जा रहा है, लेकिन इसका सीधा असर यात्रियों की सुविधा और कर्मचारियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि व्यवस्था को बनाए रखना ही बड़ी चुनौती बन गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, फंड की कमी के कारण रेलवे के रखरखाव और संचालन में भारी कमी आई है। इंजन, डिब्बे, मालगाड़ी के वैगन और रेलवे ट्रैक जैसे जरूरी ढांचे समय पर मरम्मत नहीं हो पा रहे हैं। इससे तकनीकी खराबियों और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

Pakistan Railways Big Update: छोटी रकम के लिए भी लंबी प्रक्रिया

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि छोटी रकम की मंजूरी के लिए भी लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, लगभग 5 लाख पाकिस्तानी रुपये जैसे छोटे प्रस्तावों को भी मुख्यालय से मंजूरी लेने में काफी समय लग जाता है। इससे जरूरी काम समय पर नहीं हो पाते और समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं।

पाकिस्तान रेलवे के कई डिवीजनों में कर्मचारियों की भारी कमी है। लाहौर डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वहां करीब आधे पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

पुराने ढांचे पर निर्भर व्यवस्था

रेलवे की मौजूदा स्थिति अचानक नहीं बनी है, बल्कि यह कई वर्षों से चली आ रही कमजोर नीतियों और वित्तीय समस्याओं का परिणाम है। पिछले 6 से 7 सालों में हालात और खराब हुए हैं और 2026 तक यह संकट गंभीर रूप ले चुका है। यहां तक कि रेलवे प्रशासन को कर्मचारियों की सैलरी देने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कर्मचारियों को एक ट्रेन के कोच से पुर्जे निकालकर दूसरे कोच को ठीक करना पड़ रहा है। यह अस्थायी समाधान है, जो लंबे समय तक व्यवस्था को संभाल नहीं सकता। इससे ट्रेन सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

सभी डिवीजनों में समान हालात

लाहौर, कराची, मुल्तान, सुक्कुर, क्वेटा, रावलपिंडी, पेशावर और वर्कशॉप जैसे सभी प्रमुख डिवीजनों में लगभग एक जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। हर जगह फंड की कमी, स्टाफ की कमी और खराब बुनियादी ढांचे से जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात में रेलवे का संचालन और राजस्व लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।

अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहरा सकता है और इसका असर पूरे परिवहन तंत्र पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान की रेलवे व्यवस्था इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां सुधार के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।

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